बस हादसे के बाद भी नहीं जागी मानवता

नौहराधार (सिरमौर)। भराड़ी के लोगों को उम्मीद थी कि अपने परिजनों को भीषण हादसे में खोने के बाद शायद मानवता के नाते परिवहन निगम और राज्य सरकार उनके क्षेत्र मेें सरकारी बस सेवा बहाल कर देगी। मगर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। हादसे के 4 दिन बाद भी क्षेत्र में सरकारी बस सेवा बहाल नहीं हो सकी है। सरकार और परिवहन निगम की बेरुखी के चलते पीड़ित परिवार जहां मायूस हैं। वहीं, क्षेत्र के लोगों मेें सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश फूट रहा है।
लोगों का कहना है कि क्षेत्र में सरकारी बसों को लेकर आम लोगों की भावना से खेला जाता रहा है। चुनाव के दौरान यहां सरकारी बसों को सड़कों पर दौड़ाया जाता है। चुनाव खत्म होते ही नेता और पार्टियां लोगों को छोड़ कर यहां से कूच कर जाते हैं। लोगों का कहना है कि अक्तूबर 2011 में यहां सरकारी बस सेवा चलाई गई थी, जबकि मात्र 4-5 माह चलने के बाद इस बस को बंद कर दिया गया।
पंचायत प्रधान भराड़ी मोहन लाल, नौहराधार पंचायत प्रधान नारदा देवी, देवा मानल पंचायत प्रधान अनिता पुंडीर, सुरेंद्र पाल भारद्वाज, कमल राज वर्मा का कहना है कि इस समय भराड़ी, भानरा, पुन्नरधार, देगड़ा, सिंगोली, देवामानल आदि क्षेत्रों के बच्चे जमा दो स्कूल नौहराधार पढ़ाई करने आते हैं। हर रोज इन बच्चों को खचाखच भरी निजी बसों में सफर करना पड़ रहा है।
उधर, सीपीएस विनय कुमार ने बताया कि पुन्नरधार में जमा दो स्कूल और पुन्नरधार-नौहराधार क्षेत्र में सरकारी बस सेवा चलाए जाने संबंधी पूरी रिपोर्ट शीघ्र ही वे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के समक्ष रखेंगे। उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री ग्रामीणों की दोनों ही मांगों को पूरा करेंगे।

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